Meaning of

बरक़रार

barqaraar • برقرار

बनाए रखना; संरक्षित; कायम रखना

maintained; preserved; sustained

برقرار رکھنا; محفوظ; قائم رکھنا

Arabic

तुझी को देखूँगा जब तक हैं बरक़रार आँखें मिरी नज़र न फिरेगी तिरी नज़र की तरह — Meer anees
जब तक है बरक़रार यहाँ भूख का वुजूद तब तक नहीं थमेगा गुनाहों का सिलसिला — Ramnath Shodharthi
हो बरक़रार हुस्न पे रौनक़ शबाब और मय — RAAHI
हौसले हों हिज्र में भी बरक़रार लौट आते है सनम थक हार कर — Amaan Ali
इतना निगाहों से किसी को भी न देखो बरक़रार ये सादगी भा जाती भी है देखने से बार-बार — Naresh sogarwal 'premi'

'बरक़रार' शब्द निरंतरता और स्थिरता का भाव जगाता है। अपने मूल अर्थ में, यह किसी चीज़ को यथावत रखने का संकेत देता है। कविता में यह भावनाओं के साथ गहराई पाता है, विशेषकर कठिनाइयों के सामने दृढ़ता और सहनशीलता के रूप में।

'बरक़रार' का उपयोग कवि प्रेम की स्थायित्वता या मानव आत्मा की दृढ़ता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन शब्दों के विपरीत होता है जो परिवर्तन या क्षय का संकेत देते हैं, स्थिरता की सुंदरता को उजागर करते हैं।

कविता में, 'बरक़रार' दृढ़ता की शक्ति का प्रमाण बन जाता है। यह हमें अडिग समर्पण में पाई जाने वाली शांत शक्ति की याद दिलाता है।