Meaning of

बहर-सूरत

bahr-soorat • بہر صورت

किसी भी स्थिति में; चाहे जो हो

in any case; regardless

کسی بھی صورت میں; چاہے کچھ بھی ہو

Persian

गुज़र जाएँगे ये लम्हे बहर-सूरत बहर-क़ीमत यही है ख़ुश-गुमानी भी यही अफ़सुर्दगी भी है — Javed Aslam

'बहर-सूरत' एक अनिवार्यता या दृढ़ संकल्प का भाव व्यक्त करता है, यह दर्शाता है कि कुछ भी हो, कुछ तो होगा ही। कविता में, यह अक्सर एक अटल भावना या अडिग प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

'बहर-सूरत' का उपयोग कवि भाग्य की अनिवार्यता या प्रेम की दृढ़ता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी के संकल्प या भाग्य की निश्चितता को उजागर कर सकता है।

'बहर-सूरत' अपने सार में समय और भावना की अडिग प्रगति को पकड़ता है। यह मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण है।