Meaning of

बहार-ए-गुल

bahaar-e-gul • بہار گل

फूलों की बहार; कलियों की खिलावट

spring of flowers; bloom of blossoms

پھولوں کی بہار; کلیوں کی کھلاؤٹ

Persian

जो ख़ुदस दूर रहते हों बुलाने पर नहीं आते
जो दाइम देख सकते हैं इशारे पर नहीं आते

हुआ था हादसा ऐसा बहार-ए-गुल में वो 'सोहिल'
परिंदे आज भी अपने ठिकाने पर नहीं आते

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बहार-ए-गुलिस्ताँ हम को न पहचाने तअज्जुब है
गुलों के रुख़ पे छिड़का है बहुत ख़ून-ए-जिगर हम ने

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बहार-ए-गुल को गुलिस्ताँ को गुल-जबीनों को
ख़ुदा बचाए किसी चश्म-ए-बद से तीनों को

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जो ख़ुदस दूर रहते हों बुलाने पर नहीं आते
जो दाइम देख सकते हैं इशारे पर नहीं आते

हुआ था हादसा ऐसा बहार-ए-गुल में वो 'सोहिल'
परिंदे आज भी अपने ठिकाने पर नहीं आते

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बहार-ए-गुलिस्ताँ हम को न पहचाने तअज्जुब है
गुलों के रुख़ पे छिड़का है बहुत ख़ून-ए-जिगर हम ने

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यह वाक्य वसंत की जीवंत और जीवंत छवि को उभारता है, जहाँ फूल प्रचुर मात्रा में खिलते हैं, जो नवीनीकरण और सुंदरता का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर सुंदरता के चरम और जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि इसका उपयोग सुंदरता के चरम और आनंद के क्षणभंगुर क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह सर्दी की बंजरता के विपरीत है, जो जीवन की चक्रीय प्रकृति को उजागर करता है।

अपने मूल में, 'बहार-ए-गुल' जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता को पकड़ता है, हमें हर पल को संजोने के लिए प्रेरित करता है।