Meaning of

बाग़-ए-दुनिया

baagh-e-duniya • باغ دنیا

दुनिया का बाग़; सांसारिक सुख

garden of the world; worldly pleasures

دنیا کا باغ; دنیاوی لذتیں

Persian

बाग़-ए-दुनिया में यूँँही रो हँस के काटूँ चार दिन ज़िंदगी है शबनम-ओ-गुल की तरह फ़ानी मिरी — Tilok Chand Mahroom

यह वाक्यांश दुनिया को एक हरे-भरे, आमंत्रणकारी बाग़ के रूप में दर्शाता है, जो सुंदरता और आकर्षण से भरा है। कविता में, यह अक्सर जीवन के क्षणिक सुखों और अल्पकालिक आनंद का प्रतीक होता है, जो शाश्वत और क्षणभंगुर के बीच विरोधाभास प्रस्तुत करता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग सुंदरता और क्षणभंगुरता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो खुशी की क्षणभंगुर प्रकृति पर विचार करते हैं। बाग़ जीवन के क्षणिक आनंद का रूपक बन जाता है।

दुनिया के बाग़ में, सुंदरता और क्षणभंगुरता साथ-साथ नृत्य करते हैं, हमें जीवन के क्षणिक आनंद की याद दिलाते हैं।