Meaning of

बाग़-ए-बहिश्त

baagh-e-behisht • باغ بہشت

स्वर्ग का बाग़; स्वर्गीय उद्यान

garden of paradise; heavenly garden

جنت کا باغ; آسمانی باغ

Persian

बाग़-ए-बहिश्त से मुझे हुक्म-ए-सफ़र दिया था क्यूँँ कार-ए-जहाँ दराज़ है अब मिरा इंतिज़ार कर — Allama Iqbal

मूल रूप में 'बाग़-ए-बहिश्त' एक आदर्श, दिव्य उद्यान की छवि प्रस्तुत करता है, एक ऐसा स्थान जो परम शांति और सुंदरता का प्रतीक है। कविता में, इस शब्द का उपयोग न केवल भौतिक स्वर्ग के लिए बल्कि आध्यात्मिक आनंद और संतोष की स्थिति के लिए भी किया गया है।

'बाग़-ए-बहिश्त' का उपयोग कवि अक्सर प्रेमी की बाहों को स्वर्ग के रूप में वर्णित करने के लिए करते हैं। यह गहन शांति के क्षणों या दुनिया की एक आदर्श दृष्टि को भी चित्रित कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'बाग़-ए-बहिश्त' परम सुंदरता और शांति का एक शाश्वत प्रतीक बना रहता है।