Meaning of

बेकल

bekal • بیکل

बेचैन; अस्थिर; व्याकुल

restless; uneasy; agitated

بے چین; بے قرار; مضطرب

Persian

देखिए होगा श्री-कृष्ण का दर्शन क्यूँँ-कर सीना-ए-तंग में दिल गोपियों का है बेकल — Mohsin Kakorvi
तंग आ चुके हैं अपनी ही बेकली से फिर हम ठुकरा न दें कहीं ख़ुद को बेख़ुदी से फिर हम — Naresh sogarwal 'premi'
यूँँ तो दुनिया में बेकल रहे हैं हौसले से मगर चल रहे हैं — Sohil Barelvi
बेकली, ग़म, दर्द इन सबकी तुम्हीं बुनियाद हो मैं तुम्हें भूला नहीं हूँ हाँ मुझे तुम याद हो — Vineet Dehlvi
देखो ना इश्क़ में क्या है मिलता बेकली अश्क और दिल का जलना — Sanjay Bhat
किसी भी ख़ौफ़ की सम्तों से आगे मक़ाम अब है हमारी बेकली का — Nityanand Vajpayee
दिल में अजब सी बेकली है साक़ी चल भर दे गिलास पूरा नहीं तो पौना चल आधा सवा इक घूँट प्लीज़ — Chhayank Tyagi

'बेकल' शब्द आंतरिक उथल-पुथल और बेचैनी की स्थिति को पकड़ता है, जो अक्सर अधूरी इच्छाओं या अनसुलझे भावनाओं से उत्पन्न होती है। कविता में, यह लालसा और शांति पाने में असमर्थता के बीच के तनाव को व्यक्त करता है, भावनाओं का एक नृत्य जो व्यक्ति को अस्थिर छोड़ देता है।

कवि अक्सर प्रेम या लालसा की भावनात्मक अशांति को चित्रित करने के लिए 'बेकल' का उपयोग करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो हृदय की मौन पुकार और आत्मा की बेचैन भटकन के साथ गूंजता है।

काव्यात्मक परिदृश्य में, 'बेकल' हृदय की शांति की बेचैन खोज का प्रमाण है। यह इच्छा और शांति के बीच के अंतहीन नृत्य की बात करता है।