Meaning of

बेकसी

bekasi • بےکسی

बेबस; असहायता

helplessness; forlornness

بے بسی; لاچاری

Persian

आए है बेकसी-ए-इश्क़ पे रोना 'ग़ालिब' किस के घर जाएगा सैलाब-ए-बला मेरे बा'द — Mirza Ghalib
दिलों में इत्तिफ़ाक़न बेकसी कैसे किसी भी मुद्दआ' से बे-रुख़ी कैसे — Manohar Shimpi
बेबसी है बेकसी है बे-दिली है ज़िंदगी बस यूँँ ही जीते रहे तो ख़ुद-कुशी है ज़िंदगी — Ajeetendra Aazi Tamaam

बेकसी एक गहरी बेबसी का भाव जगाती है, जो अक्सर भावनात्मक या अस्तित्वगत निराशा से जुड़ी होती है। कविता में, यह भाग्य द्वारा छोड़े जाने या एक उदासीन दुनिया की दया पर छोड़ दिए जाने के सार को पकड़ती है।

कवि बेकसी का उपयोग आत्मा की पुकार को व्यक्त करने के लिए करते हैं, विशेषकर पूर्ण एकांत के क्षणों में। यह अक्सर आशा के विपरीत होता है, निराशा की तीव्रता को उजागर करता है। यह मानव स्थिति पर एक चिंतन भी हो सकता है, जहाँ आत्मा ब्रह्मांड से अलग महसूस करती है।

बेकसी आत्मा के मौन संघर्षों का दर्पण है। यह भीतर लड़ी जाने वाली शांत लड़ाइयों के साथ गूंजती है।