Meaning of

बेख़ुदी

bekhudi • بےخودی

उन्माद; आत्म-विस्मृति

ecstasy; self-forgetfulness

سرور; خود فراموشی

Persian

इश्क़ हसरत बेख़ुदी का ये क़सीदा पढ़ चला मसरूफ़ दिल आफ़त-रसीदा — Kaafir
जुनून-ए-इश्क़ में ये बेख़ुदी का आलम है ख़ुद अपने शहर में अपना मकान भूल गए — Shadab Shabbiri
वो तभी पाया गया है पास में जब हमें यूँँ बेख़ुदी होने लगी — Tarun Bharadwaj

'बेख़ुदी' एक आनंदमय विस्मरण की स्थिति को पकड़ता है, जहाँ व्यक्ति स्वयं और परिवेश की चेतना खो देता है। कविता में, यह अक्सर एक पारलौकिक अनुभव का प्रतीक होता है, जो स्वयं को ब्रह्मांड के साथ मिलाता है।

कवि 'बेख़ुदी' का उपयोग आध्यात्मिक उन्माद और अहंकार के विघटन की खोज के लिए करते हैं। यह सांसारिकता के विपरीत है, जो दिव्यता के साथ एकता की यात्रा को उजागर करता है।

'बेख़ुदी' की गोद में, ब्रह्मांड के साथ एक गहरा संबंध मिलता है। यह आत्मा से परे एक काव्यात्मक यात्रा है।