Meaning of

बेदम

bedam • اندھیرا

बिना सांस; निर्जीव

breathless; lifeless

بے دم; بے جان

Persian

कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं — Khalil Ur Rehman Qamar
मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था — Anjum Rehbar
दुनिया के ता'ने सह लेता हूँ इक अच्छा बेटा कहलाना है — Neeraj Neer
जिस पर हमारी आँख ने मोती बिछाए रात भर भेजा वही काग़ज़ उसे हम ने लिखा कुछ भी नहीं — Bashir Badr
शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं — Firaq Gorakhpuri
ज़िक्र तुम्हारा बहुत ज़रूरी इन ग़ज़लों में जानेमन चाय बिना अदरक को डाले अच्छी थोड़ी बनती है — Tanoj Dadhich
तू दिल पे बोझ ले के मुलाक़ात को न आ मिलना है इस तरह तो बिछड़ना क़ुबूल है — Unknown
अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का — Javed Akhtar

'बेदम' शब्द स्थिरता और मौन का भाव उत्पन्न करता है, जो अक्सर जीवन या जीवंतता की अनुपस्थिति से जुड़ा होता है। कविता में, यह उन क्षणों का सार पकड़ता है जहाँ समय ठहर जाता है और दुनिया अपनी सांस रोक लेती है।

'बेदम' का उपयोग कवि अक्सर वीरानी के दृश्यों का वर्णन करने या तूफान के बाद की गहरी चुप्पी को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह गहरे दुःख या विचारमग्नता के क्षणों में महसूस की गई आंतरिक शून्यता को भी दर्शा सकता है।

'बेदम' अपनी शांति में आत्मा की मौन पुकारों का दर्पण है। यह एक ऐसा शब्द है जो शब्दों के बीच की जगहों में सांस लेता है।