Meaning of

बेदाद

bedaad • بیداد

अन्याय; अत्याचार

injustice; tyranny

ظلم; ستم

Persian

बेदाद-ए-इश्क़ से नहीं डरता मगर 'असद' जिस दिल पे नाज़ था मुझे वो दिल नहीं रहा — Mirza Ghalib

'बेदाद' शब्द गहरे अन्याय और उत्पीड़न की भावना को जागृत करता है। मूल रूप में, यह क्रूरता या अत्याचार के कार्यों को संदर्भित करता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि वह उत्पीड़ितों की मौन चीखों, अनकहे दुखों के बोझ और अन्याय की भयानक उपस्थिति को व्यक्त कर सके।

'बेदाद' का उपयोग कवि अक्सर पीड़ितों के संघर्ष को उजागर करने के लिए करते हैं। यह आत्मा के मौन कष्ट का रूपक बनता है। यह शब्द 'इंसाफ' (न्याय) के विपरीत खड़ा होता है, जिससे शायरी में एक मार्मिक तनाव उत्पन्न होता है।

कविता के क्षेत्र में, 'बेदाद' मौन के खिलाफ एक शक्तिशाली आवाज बन जाता है। यह हमें उत्पीड़न के बीच मानव आत्मा की स्थायीता की याद दिलाता है।