Meaning of

बेख़याल

behyaal • بےخیال

अनजान; बेखबर; विचारों में खोया

unaware; absent-minded; lost in thought

بےخبر; غافل; خیالات میں گم

Persian

ख़ुद को मेरे दिल में रख कर भूल जा बेख़याली इस कदर बढ़ जाने दे — Shashank Tripathi
कभी सुकून मुयस्सर नहीं हुआ मुझ को दिल ए फ़क़ीर दुखाया था बेख़याली में — Qadeer Asad

बेखयाल शब्द एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जहाँ व्यक्ति अपने ही विचारों में खोया रहता है, आसपास की दुनिया से बेखबर। कविता में, यह आत्ममंथन और विचारों की उस धारा को पकड़ता है जो व्यक्ति को वास्तविकता से दूर ले जाती है।

कवि अक्सर 'बेखयाल' का उपयोग ऐसे पात्रों को दर्शाने के लिए करते हैं जो स्वप्नदर्शी होते हैं, अपने विचारों में खोए रहते हैं। यह उन शब्दों के विपरीत है जो जागरूकता या सतर्कता को दर्शाते हैं। यह साधारण से एक कोमल पलायन है।

बेखयाल हमें भीतर भटकने के लिए आमंत्रित करता है, हमारे मन के शांत कोनों में शांति पाने के लिए। यह आत्ममंथन की सुंदरता की एक कोमल याद दिलाता है।