Meaning of

बे-क़रारी

be-qaraari • بے قراری

बेचैनी; अस्थिरता

restlessness; unease

بے چینی; بے سکونی

Persian

हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगे अभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ — Qateel Shifai
बेक़रारी का आलम न पूछो सनम हम को हर इक हसीं आप सा ही लगे — Poonam Yadav
उदास आँखें बिखरते ख़्वाब और बे-क़रारी बसर हुई ज़िंदगी कुछ इस तरह से हमारी — arjun chamoli
दुख दर्द बेक़रारी और उलझन की ख़ाक से जब कुछ न बन सका तो मिरा दिल बना दिया — Saif Dehlvi
नदामत, बे-क़रारी, हिज्र, ज़िल्लत और तन्हाई मोहब्बत में यही दो–चार ग़म हर–बार होते हैं — Abhishek Bhadauria 'Abhi'
ज़ख़्म तारी है साँस भारी है इस तरह ज़िंदगी गुज़ारी है मुझ पे हावी है जैसे तन्हाई और हल्की सी बे-क़रारी है — nakul kumar
बेक़रारी से भी ज़ियादा कुछ आज कल मुझ को बेक़रारी है — Shadab Shabbiri
मुसलसल चल रही है इंतिज़ारी साल बीता रही दिल में मुयस्सर बेक़रारी साल बीता — Chandan Sharma

बे-क़रारी गहरी बेचैनी की भावना को व्यक्त करता है, एक ऐसी तड़प जो अधूरी रह जाती है। यह वह भावनात्मक उथल-पुथल है जो आत्मा को झकझोर देती है, जिससे व्यक्ति एक तड़प और प्रतीक्षा की स्थिति में रहता है।

कवि अक्सर बे-क़रारी का उपयोग प्रेम और इच्छा के आंतरिक संघर्ष को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अर्थ की खोज के अस्तित्वगत चिंता को भी दर्शा सकता है। यह शब्द शांति और संतोष के विपरीत है, निरंतर खोज की मानव स्थिति को उजागर करता है।

बे-क़रारी हृदय की अनंत खोज को मूर्त रूप देता है, इच्छा और पूर्ति के बीच का नृत्य।