Meaning of

बे-क़ीमत

be-qeemat • بے قیمت

मूल्यहीन; बेकार

valueless; worthless

بے قدر; بے قیمت

Persian

इंसान बे-क़ीमत तो था पहले भी पर इतना नहीं बिकना जो चाहे ख़ुद भी अब बाज़ार में बिकता नहीं — Shoyeb Saif

अपने मूल में, 'बे-क़ीमत' किसी ऐसी चीज़ की बात करता है जो मूल्य या कीमत से रहित हो। कविता में, यह शब्द अक्सर भौतिक क्षेत्र से परे जाकर भावनात्मक या अस्तित्वगत शून्यता को छूता है। यह एक खालीपन, प्रशंसा या मान्यता की कमी का एहसास कराता है।

'बे-क़ीमत' का उपयोग कवि महत्वहीनता या उपेक्षा की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एकतरफा प्रेम, अधूरे सपने, या अनपहचाने हुनर को दर्शा सकता है। यह शब्द मूल्य और कीमत के शब्दों के विपरीत है, इन गुणों की स्पष्ट अनुपस्थिति को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'बे-क़ीमत' हमारे भीतर और हमारे चारों ओर मौजूद शून्यताओं की एक मार्मिक याद दिलाता है।