Meaning of

बे-ज़बाँ

be-zabaan • موتی

निर्वाक; मौन; चुप

speechless; voiceless; silent

بے زبان; خاموش; چپ

Persian

आँसू हमारे गिर गए उन की निगाह से इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही — Jaleel Manikpuri
मैं ख़ुद में गूँजता हूँ बन के तेरा सन्नाटा मुझे न देख मिरी तरह बे-ज़बाँ बन कर — Manmohan Talkh
चला आया मकाँ ख़ाली करा कर मैं जले हैं आशियाने बे-ज़बाँ के भी — Ganesh gorakhpuri
मेरे इश्क़ का यूँँ इम्तिहान और न लीजिए बार बार बे-ज़बाँ की जान और न लीजिये — Famyas Siwani
सुने जाते न थे तुम सेे मिरे दिन रात के शिकवे कफ़न सरकाओ मेरी बे-ज़बानी देखते जाओ — Fani Badayuni
जो मोतियों की तलब ने कभी उदास किया तो हम भी राह से कंकर समेट लाए बहुत — Ibn E Insha
बे-ज़बाँ हैं सभी के सभी लोग जो शांत बैठे ग़लत को सही बोलकर — Ganesh gorakhpuri
इस सेे बेहतर ढूँढ़ने की योजना मुझ को कहाँ है मैं वहाँ हूँ अब जहाँ क़ुदरत भी रहती बे-ज़बाँ है — Naresh sogarwal 'premi'

‘बे-ज़बाँ’ शब्द मौन की उस गहराई को दर्शाता है जो केवल ध्वनि की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि एक गहन मौन है जो बहुत कुछ कहता है। कविता में, यह अक्सर अनकहे भावनाओं, अव्यक्त पीड़ा, या उन लोगों की शांत गरिमा का प्रतीक होता है जो शब्दों के बजाय मौन को चुनते हैं।

कवि 'बे-ज़बाँ' का उपयोग अनकहे भावनाओं की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की मौन पीड़ा, उत्पीड़ित की शांत सहनशीलता, या भाग्य की शांत स्वीकृति को दर्शा सकता है।

अपने मौन में, 'बे-ज़बाँ' सबसे जोर से बोलता है, दिल के अव्यक्त सत्य के साथ गूंजता है।