Meaning of

बे-ज़बान

be-zabaan • بے زبان

निर्वाक; मौन

speechless; voiceless

بے زبان; خاموش

Persian

सुने जाते न थे तुम सेे मिरे दिन रात के शिकवे कफ़न सरकाओ मेरी बे-ज़बानी देखते जाओ — Fani Badayuni
इस के घर में नहीं अब है आटा ख़ुदा इस की रोटी जलाना, ग़लत बात है — Naved sahil
बे-ज़बाँ हैं सभी के सभी लोग जो शांत बैठे ग़लत को सही बोलकर — Ganesh gorakhpuri
मोहब्बत, हर मोहब्बत को, कहा करते नहीं साहिल मोहब्बत तो बहुत मुश्किल से, कहलाती मोहब्बत है — A R Sahil "Aleeg"
मैं ख़ुद में गूँजता हूँ बन के तेरा सन्नाटा मुझे न देख मिरी तरह बे-ज़बाँ बन कर — Manmohan Talkh
मेरे इश्क़ का यूँँ इम्तिहान और न लीजिए बार बार बे-ज़बाँ की जान और न लीजिये — Famyas Siwani
इस सेे बेहतर ढूँढ़ने की योजना मुझ को कहाँ है मैं वहाँ हूँ अब जहाँ क़ुदरत भी रहती बे-ज़बाँ है — Naresh sogarwal 'premi'

'बे-ज़बान' शब्द एक गहरे मौन को व्यक्त करता है, एक ऐसी स्थिति जहाँ शब्द भावनाओं की गहराई को व्यक्त करने में असमर्थ होते हैं। यह परिस्थितियों या पसंद द्वारा थोपे गए एक मौन को दर्शाता है, एक ऐसा मौन जो बहुत कुछ कहता है। कविता में, यह अनकहे को, उन भावनाओं को समाहित करता है जो शब्दों के बीच के स्थानों में बनी रहती हैं।

कवि 'बे-ज़बान' का उपयोग अनकहे प्रेम, दबे हुए भावनाओं, और मौन की वाक्पटुता के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह अक्सर बोले गए शब्दों के शोर के विपरीत होता है।

अपने मौन की वाक्पटुता में, 'बे-ज़बान' दिल की गहरी फुसफुसाहटों को पकड़ता है, आत्मा के शांत स्थानों में गूंजता है।