Meaning of
बे-ज़ार
be-zaar • طرفہ
Hindi
उदासीन; थका हुआ
English
disinterested; weary
Urdu
بے دل; تھکا ہوا
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
मूल रूप में, 'बे-ज़ार' एक थकान या उदासीनता की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर एकरसता या असंतोष से उत्पन्न होती है। कविता में, यह शब्द एक भावनात्मक थकान का सार पकड़ता है जो शारीरिक थकान से परे है, एक गहरे अस्तित्वगत ऊब को छूता है।
Poetic Usage
'बे-ज़ार' का उपयोग कवि गहरे मोहभंग की भावना व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर अस्तित्वगत भय, इच्छाओं की निरर्थकता, या जीवन की एकरसता की थीमों की खोज करने वाले छंदों में प्रकट होता है।
Closing Insight
कविता की दुनिया में, 'बे-ज़ार' एक शाश्वत थकान को जागृत करता है, जीवन के चक्रों के प्रति एक शांत समर्पण।
