Meaning of

बे-मौत

be-maut • بے موت

बिना मृत्यु; अमर

without death; deathless

بے موت; لافانی

Persian

वरना बे-मौत ही मर जाएँगे सारे किरदार एक इनकार ज़रूरी है कहानी के लिए — Madan Mohan Danish
फिर उसी से इश्क़ करना चाहता है दोस्त क्यूँँ बे-मौत मरना चाहता है — ABhishek Parashar
रेत का दरिया है और नाव चलानी है इश्क़ में या'नी अब बे-मौत मरेंगे हम — Atul K Rai
आइना देख के कहते हैं सँवरने वाले आज बे-मौत मरेंगे मिरे मरने वाले — Dagh Dehlvi
इक शौक़ भी कमाल है इक ख़्वाब भी अज़ीज़ दोनों के ज़द में आदमी बे-मौत ही मरे — Aatish Alok

'बे-मौत' वाक्यांश मृत्यु की सीमाओं से परे अस्तित्व का सुझाव देता है। कविता में, यह शाश्वत प्रेम या अमर आत्मा के विचार को जगाता है, जो जीवन की भौतिक सीमाओं से परे है।

कवि 'बे-मौत' का उपयोग अमरता के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं, चाहे वह प्रेम में हो, स्मृति में हो या आत्मा में। यह अक्सर मानव जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति के विपरीत होता है।

कविता के क्षेत्र में, 'बे-मौत' शाश्वत का प्रतीक बन जाता है, जो भौतिक दुनिया से परे जो कुछ भी रहता है उसकी याद दिलाता है।