Meaning of

बे-वक़्त

be-waqt • بے وقت

असमय; अनुचित समय पर

untimely; inopportune

بے وقت; نامناسب وقت پر

Persian

हुस्न कुछ और नहीं छत की हरी काई है वक़्त-बे-वक़्त जहाँ पाँव फिसल जाता है — Ashu Mishra
वक़्त बे-वक़्त आता है तुझे खोने का डर इश्क़ की बारिशें अब बे-असर हो चुकी हैं — Himanshu
वक़्त- बे-वक़्त यूँँ ही आया कर दिल है घबराता वादो से मेरा — Abha sethi
श्याम गोकुल न जाना कि राधा का जी अब न बंसी की तानों पे लहराएगा किस को फ़ुर्सत ग़म-ए-ज़िंदगी से यहाँ कौन बे-वक़्त के राग सुन पाएगा — Abid Hashri
वक़्त बे-वक़्त बड़ी दूर चला जाता हूँ चंद टूटे हुए ख़्वाबों का सहारा ले कर — Sakib Mazeed
वक़्त-बे-वक़्त ख़ुदा मेरे ख़ुदा करते थे जो क्यूँँ परेशान हैं मरने की दुआ करते थे जो — Raushan miyaa'n
वो फिर मिलेंगे राह में बे-वक़्त बे-वजह हम को है इत्तिफ़ाक़ से उम्मीद आज भी — salman khan "samar"

‘बे-वक़्त’ शब्द उन क्षणों के सार को पकड़ता है जो अप्रत्याशित रूप से या असुविधाजनक समय पर आते हैं। यह अक्सर विघटन की भावना या अचानक से पकड़े जाने की भावना को व्यक्त करता है, जो कथा में तनाव की एक परत जोड़ता है।

कवि 'बे-वक़्त' का उपयोग भाग्य की विडंबना और जीवन की अनिश्चितता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह योजनाओं की नाजुकता और परिवर्तन की सदैव मौजूद संभावना की याद दिलाता है।

कविता में, 'बे-वक़्त' जीवन की अनिश्चितता की एक मार्मिक याद दिलाता है, हमें अप्रत्याशित को अपनाने का आग्रह करता है।