Meaning of

बे-ज़ार

be-zaar • بے زار

असंतुष्ट; थका हुआ; मोहभंग

displeased; weary; disenchanted

بے زار; تھکا ہوا; مایوس

Persian

तुम्हारी याद में जीने की आरज़ू है अभी कुछ अपना हाल सँभालूँ अगर इजाज़त हो — Jaun Elia
ज़रूरत सब कराती है मोहब्बत भी इबादत भी नहीं तो कौन बे-मतलब किसी को याद करता है — Umesh Maurya
ऐ शख़्स मैं तेरी जुस्तुजू से बे-ज़ार नहीं हूँ थक गया हूँ — Jaun Elia
बे-ज़ारी से बू ना आए तो फिर आँसू चख के देख चारा-गर बोला रोने की अपनी लज़्ज़त होती है — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
उस से बे-दर्दी का शिकवा ठीक नहीं है हम भी उस सेे कौन सा बे-मतलब मिलते हैं — divya 'sabaa'
बे-मतलब उस की यादों में घूम रहा हूँ पंखा चलता छोड़ गया हो जैसे कोई — Shivam anand
बुरा हो जो किसी का भी न तू हँसना कि बे-मतलब यहाँ मिलती सज़ा है बे-वजह ही मुस्कुराने पर — 100rav

बे-ज़ार असंतोष और थकान की भावना को पकड़ता है, अक्सर उदासी की छाया के साथ। कविता में, यह आत्मा की थकान को दर्शाता है, एकरसता से बदलाव या राहत की लालसा।

कवि बे-ज़ार का उपयोग गहरी थकान या मोहभंग को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह जीवन की एकरसता या अपूर्ण इच्छाओं के बोझ को उभार सकता है।

बे-ज़ार अपूर्ण अपेक्षाओं की मौन निराशा को दर्शाता है, कविता में एक मार्मिक विषय।