Meaning of

बे-ज़ारी

be-zaari • بے زاری

उदासीनता; अरुचि

disinterest; apathy

بے دلی; عدم دلچسپی

Persian

बे-ज़ारी से बू ना आए तो फिर आँसू चख के देख चारा-गर बोला रोने की अपनी लज़्ज़त होती है — Saurabh Mehta 'Alfaaz'

बे-ज़ारी भावनात्मक अलगाव की स्थिति को दर्शाता है, जहाँ हृदय को दुनिया की ओर कोई खिंचाव महसूस नहीं होता। कविता में, यह जीवन की सतहीताओं से थकी आत्मा के सार को पकड़ता है, जो गहरे अर्थ की तलाश में है।

कवि अक्सर बे-ज़ारी का उपयोग आध्यात्मिक पूर्ति की लालसा व्यक्त करने या भौतिक प्रयासों की शून्यता की आलोचना करने के लिए करते हैं। यह सांसारिक इच्छाओं और आंतरिक शांति के बीच के अंतर को भी उजागर कर सकता है।

बे-ज़ारी भौतिक दुनिया से परे सच्चे संतोष के स्रोतों पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।