Meaning of

बैअत

bai'at • تعلق خاطر

प्रतिज्ञा; निष्ठा

pledge; allegiance

عہد; وفاداری

Arabic

'मीर' से बैअत की है तो 'इंशा' मीर की बैअत भी है ज़रूर शाम को रो रो सुब्ह करो अब सुब्ह को रो रो शाम करो — Ibn E Insha
कल तो तुम भी छोड़ के चल दोगी मुझ को आज तुम्हारे इश्क़ की बैअत कर लूँ क्या — A R Sahil "Aleeg"
तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है मगर चराग़ की बैअत से ख़ौफ़ आता है — Aziz Nabeel
इक तिरा दिल रखने में कितने ख़सारे हो गए जो भी थे बैअत में मेरे सब किनारे हो गए — Ali Mohammed Shaikh

अपने मूल अर्थ में, 'बैअत' एक औपचारिक प्रतिज्ञा या निष्ठा को संदर्भित करता है, अक्सर आध्यात्मिक या धार्मिक संदर्भ में। कविता में, यह शब्द प्रतिबद्धता और समर्पण का भार वहन करता है, जो व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंधों के क्षेत्रों में विस्तार करता है।

'बैअत' का उपयोग कवि अक्सर निष्ठा और आध्यात्मिक समर्पण के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक शिष्य और गुरु के बीच के बंधन का प्रतीक हो सकता है, या प्रेमियों के बीच गहरे संबंध का।

काव्यिक क्षेत्र में, 'बैअत' अपने औपचारिक मूल को पार कर, गहन व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का प्रतीक बन जाता है।