Meaning of

बैअ'त

bai't • بیعت

प्रतिज्ञा; निष्ठा

pledge; allegiance

عہد; وفاداری

Arabic

कुछ तबीयत में उदासी भी हुआ करती है हर कोई इश्क़ का मारा हो, ज़रूरी तो नहीं — Jaani Lakhnavi
ज़रा सा ग़म हुआ और रो दिए हम बड़ी नाज़ुक तबीअत हो गई है — Shahzad Ahmad
इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया — Mirza Ghalib
कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो — Dushyant Kumar
तुम इस ख़मोश तबीअत पे तंज़ मत करना वो सोचता है बहुत और बोलता कम है — Nawaz Deobandi
मुझे ये डर है तेरी आरज़ू न मिट जाए बहुत दिनों से तबीअत मिरी उदास नहीं — Nasir Kazmi
हम-रही की बात मत कर इम्तिहाँ हो जाएगा हम सुबुक हो जाएँगे तुझ को गिराँ हो जाएगा — Naseer Turabi
फिर आज 'अदम' शाम से ग़मगीं है तबीअत फिर आज सर-ए-शाम मैं कुछ सोच रहा हूँ — Abdul Hamid Adam

'बैअ'त' शब्द एक गंभीर वादा या निष्ठा की प्रतिज्ञा को दर्शाता है। यह प्रतिबद्धता के भार और किसी के शब्द की गंभीरता को वहन करता है। कविता में, यह अक्सर भक्ति, निष्ठा और व्यक्तियों के बीच या व्यक्ति और उनके आदर्शों के बीच पवित्र बंधन के विषयों को दर्शाता है।

कवि 'बैअ'त' का उपयोग वादों के माध्यम से बने गहरे संबंधों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह निष्ठा की स्थायी शक्ति और किसी की प्रतिबद्धताओं के नैतिक भार का प्रतीक हो सकता है।

'बैअ'त' में, वादे की पवित्रता विश्वास और निष्ठा की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।