Meaning of

बख़्त

bakht • بخت

भाग्य; किस्मत

fate; fortune

قسمت; نصیب

Persian

मैं ख़ुद भी यार तुझे भूलने के हक़ में हूँ मगर जो बीच में कम-बख़्त शा'इरी है ना — Afzal Khan
जिस लब के ग़ैर बोसे लें उस लब से 'शेफ़्ता' कम्बख़्त गालियाँ भी नहीं मेरे वास्ते — Mustafa Khan Shefta
बख़्त अच्छा हुआ सो मिलने आए हैं वर्ना तो लोग काफ़ी व्यस्त रहते हैं — Shubham Rai 'shubh'
खोल दी देखने को ये कमबख़्त आँख ख़्वाब में वो हमारी गली आए थे — Brajnabh Pandey
उन के होने से बख़्त होते हैं बाप घर के दरख़्त होते हैं — Unknown
वो बोला मुलाक़ात ख़्वाबों में होगी मगर आँख कमबख़्त लगती नहीं है — Parul Singh "Noor"
बोले वो बोसा-हा-ए-पैहम पर अरे कम-बख़्त कुछ हिसाब भी है — Hasan Barelvi
मुयस्सर हैं तुम्हें कुछ दोस्त करिए साझा ग़म उन सेे मैं हूँ बदबख़्त अपना ग़म दिवारों को सुनाता हूँ — Prashant Sitapuri
अड़चन सी ये डाले हैं तेरी दीद में साले कम-बख़्त से बालों को तू चेहरे से हटा ले — Shivam Yadav

'बख़्त' शब्द भाग्य और जीवन की अनजानी राहों का भार वहन करता है। यह अनिवार्यता का अहसास कराता है, उन अदृश्य शक्तियों का जो किसी की यात्रा का मार्गदर्शन करती हैं।

कवि अक्सर 'बख़्त' का उपयोग भाग्य, किस्मत के मोड़ और जीवन के रहस्यों की थीम में गहराई से जाने के लिए करते हैं। इसका उपयोग अस्तित्व की अनिश्चितता पर विचार करने के लिए किया जाता है।

जीवन के नृत्य में, 'बख़्त' एक मौन साथी है, जो अदृश्य हाथों से कदमों का मार्गदर्शन करता है।