Meaning of

बज़्म

bazm • بزم

सभा; जमावड़ा; सामाजिक कार्यक्रम

gathering; assembly; social event

محفل؛ اجتماع؛ سماجی تقریب

Persian

मैं तुझे बज़्म में लाऊँगा मेरी जान मगर लोग जब दूसरे चेहरों पे फ़िदा हो जाएँ — Ashu Mishra
फिर नज़र में फूल महके दिल में फिर शमएँ जलीं फिर तसव्वुर ने लिया उस बज़्म में जाने का नाम — Faiz Ahmad Faiz
दूर हूँ लेकिन बता सकता हूँ उन की बज़्म में क्या हुआ क्या हो रहा है और क्या होने को है — Shakeel Badayuni
तिरे बग़ैर अजब बज़्म-ए-दिल का आलम है चराग़ सैंकड़ों जलते हैं रौशनी कम है — Shakeel Badayuni
उठ कर तो आ गए हैं तिरी बज़्म से मगर कुछ दिल ही जानता है कि किस दिल से आए हैं — Faiz Ahmad Faiz
हमीं हैं सोज़ हमीं साज़ हैं हमीं नग़्मा ज़रा सँभल के सर-ए-बज़्म छेड़ना हम को — Moin Ahsan Jazbi
अब के इस बज़्म में कुछ अपना पता भी देना पाँव पर पाँव जो रखना तो दबा भी देना — Zafar Iqbal
मुझे तो होश न था उन की बज़्म में लेकिन ख़मोशियों ने मेरी उन से कुछ कलाम किया — Behzad Lakhnavi

'बज़्म' का मूल अर्थ है सभा या जमावड़ा, जिसमें अक्सर उत्सव या जश्न का भाव होता है। कविता में, यह सौहार्द, गर्मजोशी, और मानवीय संबंध की साझा खुशी की छवियों को उभारता है।

कवि 'बज़्म' का उपयोग उत्सव और एकता के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह साझा क्षण में आत्माओं की सामंजस्य या सामूहिक अनुभव की सुंदरता का प्रतीक हो सकता है।

'बज़्म' एकता की भावना को समेटे हुए है, जहाँ व्यक्तिगत आवाज़ें एक सामंजस्यपूर्ण कोरस में मिल जाती हैं।