Meaning of

ब-शौक़

ba-shauq • ب شوق

स्वेच्छा से; उत्सुकता से

willingly; eagerly

خوشی سے; شوق سے

Persian

झील में डूबा है सूरज देखते सब शौक़ से बन गई नज़रों की ख़ातिर इक नज़ारा ख़ुद-कुशी — Dharmesh bashar
मर जाना मुफ़्लिसी से गवारा करें ब-शौक़ कम-ज़र्फ का नहीं मगर एहसाँ उठाइए — Asif Mujtaba Farooqui
ये सच है शौक़ भी पहले जुनून होता था मगर जुनून भी अब शौक़ बन गया देखो — Saarthi Baidyanath
जब शौक़ थे मेरे मुझे सज्दा किया करते थे वो जब से ज़रूरत बन गए मैं उन का नौकर बन गया — arjun chamoli
इरादा अब मुहब्बत का नहीं है मुझे अब शौक़ वहशत का नहीं है — Prashant Arahat

'ब-शौक़' शब्द उत्सुकता और स्वेच्छा का भाव लिए हुए है, जो अक्सर दिल से जुड़ी चाहत या उत्साह को व्यक्त करता है। कविता में, यह भावुक लालसा या अनुभवों को अपनाने की तत्परता को दर्शाता है।

कवि 'ब-शौक़' का उपयोग किसी पात्र की गहरी लालसा या चुनौतियों का सामना करने की स्वेच्छा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर अनिच्छा या हिचकिचाहट के विपरीत होता है, भाग्य को साहसपूर्वक अपनाने को दर्शाता है।

कविता में, 'ब-शौक़' जीवन को खुले दिल से अपनाने की भावना को समेटे हुए है, जो मानव हृदय के असीम उत्साह का प्रमाण है।