Meaning of

लज़्ज़त-ए

lazzat-e • لذت

का आनंद; में प्रसन्नता

pleasure of; delight in

کا لطف; میں خوشی

Arabic

बोसा कैसा यही ग़नीमत है कि न समझे वो लज़्ज़त-ए-दुश्नाम — Mirza Ghalib
न पूछो मुझ से लज़्ज़त ख़ानमाँ-बर्बाद रहने की नशेमन सैकड़ों मैं ने बना कर फूँक डाले हैं — Allama Iqbal
रखे है लज़्ज़त-ए-बोसा से मुझ को गर महरूम तो अपने तू भी न होंटों तलक ज़बाँ पहुँचा — Jurat Qalandar Bakhsh
बख़्शी हैं हम को इश्क़ ने वो जुरअतें 'मजाज़' डरते नहीं सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ से हम — Asrar Ul Haq Majaz
सच तो ये है 'मजाज़' की दुनिया हुस्न और इश्क़ के सिवा क्या है — Asrar Ul Haq Majaz
क़सम ख़ुदा की बड़े तजरबे से कहता हूँ गुनाह करने में लज़्ज़त तो है सुकून नहीं — Mehshar Afridi
बे-ज़ारी से बू ना आए तो फिर आँसू चख के देख चारा-गर बोला रोने की अपनी लज़्ज़त होती है — Saurabh Mehta 'Alfaaz'

'लज़्ज़त-ए' किसी क्षण, अनुभव, या भावना का आनंद लेने के सार को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर आनंद की गहराई और सुख की सूक्ष्म बारीकियों को दर्शाता है जो साधारण को असाधारण में बदल देती हैं।

कवि 'लज़्ज़त-ए' का उपयोग संवेदी और भावनात्मक अनुभवों की समृद्धि की खोज के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो पाठकों को क्षण की सुंदरता पर ठहरने के लिए आमंत्रित करता है, विवरणों में आनंद खोजने के लिए।

'लज़्ज़त-ए' में, कवि साधारण में असाधारण को पाता है, जीवन की सूक्ष्म खुशियों का उत्सव।