Meaning of

लबरेज़

labreiz • لبریز

उफनता हुआ; भरा हुआ

overflowing; brimming

لبریز; بھرا ہوا

Persian

दिल वो है कि फ़रियाद से लबरेज़ है हर वक़्त हम वो हैं कि कुछ मुँह से निकलने नहीं देते — Akbar Allahabadi
जाम-ए-लबरेज़ लिए दस्त-ए-मुबारक में शजर शैख़ जी रोकिए मस्जिद की तरफ़ जाता है — Shajar Abbas
दिल है कि हर पल रहता है लबरेज़ ग़म से मिरा गो अब तो हर इक शे'र मुझ को याद रह जाता है — Naresh sogarwal 'premi'
लबरेज़, ग़म से चाहिए सीने में एक दिल, लफ़्ज़ों को जोड़कर कोई ग़ालिब नहीं हुआ — Ajay Choubey
किस की ख़ुश्बू में है लबरेज़ नहीं पूछूँगा उन सेे कहना कि सवालात नहीं करता मैं — zaid alif siddique
इतने जो दावे तुम कर रहे हो ख़ुशी के यार मेरे, उदासी से लबरेज़ हो क्या — Yasmin Khan

लबरेज़ एक प्रचुरता और पूर्णता का भाव व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर उन भावनाओं या दृश्यों का वर्णन करता है जो तीव्रता से भरे होते हैं। यह शब्द एक ऐसी स्थिति का संकेत देता है जहाँ भावनाएँ इतनी गहरी होती हैं कि वे छलक जाती हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता।

कवि लबरेज़ का उपयोग भावनात्मक अतिरेक के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं, जहाँ प्रेम, खुशी या दुख इतना तीव्र होता है कि वह छलक जाता है। इसका उपयोग अक्सर प्रकृति की प्रचुरता या मानव अनुभव की समृद्धि का वर्णन करने के लिए किया जाता है।

लबरेज़ जीवन के उफनते क्षणों की सुंदरता को पकड़ता है, मानव भावनाओं की गहराई और समृद्धि की याद दिलाता है।