Meaning of

लब-ए-इज़हार

lab-e-izhaar • لب اظہار

अभिव्यक्ति की दहलीज़; प्रकट होने की कगार

threshold of expression; verge of revelation

اظہار کی دہلیز; انکشاف کی حد

Persian

‘लब-ए-इज़हार’ उस नाज़ुक पल को दर्शाता है जब शब्द बोलने से पहले होते हैं, और प्रकट होने की प्रतीक्षा में होते हैं। कविता में, यह भावनात्मक या बौद्धिक उद्घाटन की कगार का प्रतीक है, जहाँ मौन बोलने की दहलीज़ पर होता है।

कवि अक्सर 'लब-ए-इज़हार' का उपयोग अनकहे प्रेम, छिपे सत्य और मौन की शक्ति की खोज के लिए करते हैं। यह पूर्ण अभिव्यक्ति या उद्घाटन को दर्शाने वाले शब्दों के विपरीत है, संयम की सुंदरता को उजागर करता है।

लब-ए-इज़हार प्रकट होने से ठीक पहले के क्षणों की मार्मिक सुंदरता को पकड़ता है। यह मौन की वाक्पटुता का प्रमाण है।