Meaning of

लम्हा-दर-लम्हा

lamha-dar-lamha • لمحہ در لمحہ

क्षण दर क्षण; धीरे-धीरे

moment by moment; gradually

لمحہ بہ لمحہ; آہستہ آہستہ

Persian

‘लम्हा-दर-लम्हा’ वाक्यांश समय के धीरे-धीरे खुलने का आभास देता है, जहाँ हर क्षण पिछले पर आधारित होता है। कविता में, यह धीरे-धीरे परिवर्तन की भावना को पकड़ता है, भावनाओं या परिस्थितियों में सूक्ष्म बदलाव जो मिलकर एक बड़े परिवर्तन का निर्माण करते हैं।

कवि अक्सर 'लम्हा-दर-लम्हा' का उपयोग समय के चिंतनशील तरीके से गुजरने को दर्शाने के लिए करते हैं। यह एक संबंध के धीरे-धीरे खुलने, सत्य की धीरे-धीरे प्राप्ति, या उदासी के धीरे-धीरे आगमन को चित्रित कर सकता है।

अपने कोमल खुलने में, 'लम्हा-दर-लम्हा' हमें जीवन के धीरे-धीरे परिवर्तनों की सुंदरता की याद दिलाता है।