Meaning of

लहजा

lahjaa • لہجہ

स्वर; उच्चारण; बोलने का तरीका

tone; accent; manner of speaking

لہجہ; تلفظ; بولنے کا انداز

Arabic

जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है — Shabeena Adeeb
तो क्या ऐसे ही रोना आ गया था नहीं वो याद लहजा आ गया था — Shadab Javed
अभी कुछ और करिश्में ग़ज़ल के देखते हैं 'फ़राज़' अब ज़रा लहजा बदल के देखते हैं — Ahmad Faraz
ऊपर उठती हुई एक गर्म हवा है मिरा दर्द मेरा लहजा कभी फ़रियाद नहीं हो सकता — Farhat Ehsaas
ये लम्हा लम्हा ज़िंदा रहने की ख़्वाहिश का हासिल है कि लहजा लहजा अपने आप ही में मर रहा हूँ मैं — Mushfiq Khwaja
लहजा कि जैसे सुब्ह की ख़ुश्बू अज़ान दे जी चाहता है मैं तिरी आवाज़ चूम लूँ — Bashir Badr
लहजा ही थोड़ा तल्ख़ है दुनिया के सामने वैसे तो ठीक ठाक हूँ मैं बोल-चाल में — Ankit Maurya
बोसा देते नहीं और दिल पे है हर लहजा निगाह जी में कहते हैं कि मुफ़्त आए तो माल अच्छा है — Mirza Ghalib
ये शबनमी लहजा है आहिस्ता ग़ज़ल पढ़ना तितली की कहानी है फूलों की ज़बानी है — Bashir Badr
तेरा लहजा बताता है तुझे कितनी मुहब्बत है तू मुझ को मार सकता है तू मुझ पे मर नहीं सकता — Rakesh Mahadiuree

'लहजा' बोलचाल की उन सूक्ष्म बारीकियों को पकड़ता है जो किसी के भावनाओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को प्रकट करती हैं। कविता में, यह वह आवाज़ है जो अनकहे भावों का भार वहन करती है, वह धुन जो श्रोता के दिल में गूंजती है।

कवि 'लहजा' का उपयोग शब्दों से परे संचार की गहराई को खोजने के लिए करते हैं। यह माँ की लोरी की गर्माहट या प्रेमी की फटकार की तीव्रता को व्यक्त कर सकता है। यह शब्द बोलचाल के भावनात्मक रंग को उजागर करता है।

'लहजा' दिल की भाषा में आत्मा की फुसफुसाहट है। यह रोजमर्रा की जिंदगी की अनकही कविता है।