Meaning of

लिबास-ए-सुर्ख़

libaas-e-surkh • لباس سرخ

लाल वस्त्र; जुनून का प्रतीक

red garment; symbol of passion

سرخ لباس; جذبے کی علامت

Persian

लिबास-ए-सुर्ख़ करो ज़ेब-ए-तन मता-ए-जाँ लिबास-ए-सुर्ख़ में तुम इक गुलाब लगती हो — Shajar Abbas

मूल रूप में 'लिबास-ए-सुर्ख़' लाल रंग के वस्त्र को संदर्भित करता है, जो अक्सर जीवंतता और तीव्रता से जुड़ा होता है। कविता में, इस शब्द का विस्तार गहरी भावनाओं, विशेष रूप से जुनून और प्रेम का प्रतीक करने के लिए किया गया है, जो प्रबल हृदयों और उग्र आत्माओं की छवियों को उभारता है।

'लिबास-ए-सुर्ख़' का उपयोग कवि अक्सर तीव्र प्रेम या अनियंत्रित जुनून के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह विद्रोह या अवज्ञा की भावना का भी सुझाव दे सकता है, जो अन्य रंगों की शांति के विपरीत है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'लिबास-ए-सुर्ख़' मानव भावनाओं के उग्र सार का प्रतीक है, प्रेम और अवज्ञा की एक जीवंत गाथा।