Meaning of

वक़्त-ए-आख़िर

waqt-e-aakhir • وقت آخر

अंतिम क्षण; आख़िरी समय

final moment; last time

آخری لمحہ; آخری وقت

Persian

वक़्त-ए-आख़िर जो रफ़ीक़ों ने वफ़ा की होती है यक़ीं मुझ को कभी जंग न हारा होता — Shadab Shabbiri
ज़िंदगी जीने का हक़ हर किसी को है यहाँ पर वक़्त-ए-आख़िर ही सही कोई जज़ीरा ढूँडे — Harsh Kumar Bhatnagar

यह वाक्यांश जीवन के अंतिम क्षणों की गहन शांति और गंभीरता को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर अस्तित्व और अज्ञात के बीच की सीमा का प्रतीक होता है, एक मार्मिक ठहराव जहाँ समय जैसे थम सा जाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग मृत्यु और जीवन की क्षणभंगुरता के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह चिंतन, स्वीकृति, या अनिवार्यता के खिलाफ विद्रोह का क्षण दर्शा सकता है। अक्सर शुरुआत के साथ विपरीत में, यह अस्तित्व के चक्रीय स्वभाव को उजागर करता है।

अपनी शांति में, 'वक़्त-ए-आख़िर' जीवन के अंतिम सत्य का सार रखता है। यह यात्रा के अंत पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।