Meaning of

वक़्त-ए-रुख़सत

waqt-e-rukhsat • وقت رخصت

विदा का समय; विदाई का क्षण

time of departure; moment of farewell

رخصت کا وقت; وداع کا لمحہ

Persian

वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब
प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा

2

Download Image

वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं
जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है

27

Download Image

सब हो ये वक़्त-ए-रुख़्सत न हो
हो मुलाक़ात आफ़त न हो

तुम तसव्वुर में आती रहो
दिल लगे तुम सेे नफ़रत न हो

6

Download Image

वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब
प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा

4

Download Image

बुजुर्गों की रिवायत अब सँभालो तुम
हुई है उम्र 'साहिल' वक़्त-ए-रूख़्सत है

2

Download Image

वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब
प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा

2

Download Image

वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं
जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है

27

Download Image

यह वाक्यांश उस मार्मिक क्षण को दर्शाता है जब किसी को विदा लेनी होती है, विदाई की मधुर-कड़वी भावना को पकड़ते हुए। कविता में, यह अक्सर उपस्थिति और अनुपस्थिति के बीच के संक्रमण का प्रतीक होता है, पकड़ने और छोड़ने के बीच की नाजुक संतुलन।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग अलगाव और लालसा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह यात्रा के अंत या नए मार्ग की शुरुआत का संकेत दे सकता है। यह शब्द अस्थिरता के सार और क्षणिक क्षणों की सुंदरता को पकड़ता है।

वक़्त-ए-रुख़सत जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति की एक कोमल याद दिलाता है। यह विदाई में पाई जाने वाली सुंदरता पर चिंतन करने के लिए आमंत्रित करता है।