Meaning of

वक़्त-ए-रूख़्सत

waqt-e-rukhsat • دکھے

विदाई का समय; विदा का क्षण

time of departure; moment of farewell

رخصتی کا وقت; وداع کا لمحہ

Persian

वो मेरी फिक्र तो करता है मगर प्यार नहीं या'नी पाज़ेब में घुँघरू तो है झंकार नहीं — Harman Dinesh
वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है — Azm Shakri
सोच लो, कंकर चुभेंगे और फिर छप्पर दुखेगा शाहज़ादी मेरे घर में बस तुम्हारा सर दुखेगा — Aarush Sarkaar
वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा — Aasif Buldhanvi
दुखे हुए लोगों की दुखती रग को छूना ठीक नहीं वक़्त नहीं पूछा करते हैं यारों वक़्त के मारों से — Vashu Pandey
ब्लॉक कर देना मुझे जाने से पहले डीपी देखूंगा तो मेरा दिल दुखेगा — karan singh rajput
वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा — Aasif Munawwar

'वक़्त-ए-रूख़्सत' का मूल अर्थ उस मार्मिक क्षण को दर्शाता है जब विदाई अनिवार्य हो जाती है। कविता में, यह विदाई की मिठास और कड़वाहट को उभारता है, जहाँ दिल भावनाओं से भरा होता है और भविष्य में पुनर्मिलन की आशा करता है।

अक्सर विदाई के दुःख को दर्शाने के लिए प्रयोग होता है। अलविदा कहने के भावनात्मक भार को व्यक्त करता है। मुलाकातों और जुदाइयों की क्षणभंगुरता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'वक़्त-ए-रूख़्सत' विदाई और लालसा के स्थायी मानवीय अनुभव का प्रमाण है।