Meaning of

विरही

virahi • ورہی

वियोगी; प्रेम में बिछड़ा हुआ

one who is separated; longing lover

جدائی کا مارا; محبت میں بچھڑا ہوا

Sanskrit

मूल रूप में 'विरही' उस व्यक्ति को दर्शाता है जो अपने प्रिय से बिछड़ा हुआ है, और विरह की पीड़ा में डूबा हुआ है। कविता ने इस शब्द को अपनाकर मानवीय भावनाओं की गहराई को छुआ है, जिसमें विरह की तड़प और दिल की मौन पुकार को व्यक्त किया गया है।

'विरही' का उपयोग कवि अक्सर विरह की पीड़ा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अधूरी इच्छाओं और पुनर्मिलन की अनंत प्रतीक्षा का प्रतीक है। यह शब्द एकांत की तस्वीर खींचता है, जहाँ दिल की फुसफुसाहटें मौन में गूंजती हैं।

कविता की दुनिया में, 'विरही' प्रेम और तड़प के बीच के शाश्वत नृत्य को दर्शाता है। यह विरह के बीच दिल की दृढ़ता का प्रमाण है।