Meaning of

शऊर

shaour • شعور

जागरूकता; चेतना

awareness; consciousness

شعور; آگاہی

Arabic

बेशऊरों का है बोल बाला चुप तो पंडित लगाए हुए हैं — Navneet krishna
बे-शऊरी की सनद है, तेरा चुभता लहजा मैं तो शाइ'र हूँ, गुलाबों में सफ़र करता हूँ — Wajid Husain Sahil
न बोलने का सलीक़ा न देखने का श'ऊर पसंद ख़ाक करेगा कोई भी तुम को हुज़ूर — Aqib khan
ये तहज़ीब भी देखी है हम ने तुम ने नाम अनिल है लेकिन उर्दू लिखता है — Meem Alif Shaz
ऐ परिंदों आनकर बैठो सर-ए-शाख़-ए-अज़ा हम दरख़्तों को शऊर-ए-मर्सिया ख़्वानी भी है — Amaan Haider
रह-ए-तलब में किसे आरज़ू-ए-मंज़िल है शुऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है — Ghulam Rabbani Taban
मदहोश है कोई तो कोई बे शुऊर है हर दिल पे सुब्हो शाम ये कैसा सुरूर है — Ajeetendra Aazi Tamaam
हम को सिखा रहे हैं मोहब्बत का वो शऊर जिन को कि इश्क़ पढ़ना सिखाया था किसी रोज़ — Shashank Tripathi
ऐन ग़ैन नून है सुकून है हसरतों का ख़ून है सुकून है — Shadab Shabbiri

'शऊर' गहरी जागरूकता का प्रतीक है, एक उन्नत चेतना की स्थिति जो अस्तित्व की सूक्ष्मताओं को समझने की अनुमति देती है। कविता में, यह अक्सर दुनिया और आत्म के प्रति एक तीव्र संवेदनशीलता को दर्शाता है।

कवि 'शऊर' का उपयोग मानव चेतना की गहराइयों में उतरने के लिए करते हैं, आत्म-जागरूकता और अस्तित्वीय चिंतन के विषयों की खोज करते हैं।

कविता में 'शऊर' आत्मा के आत्मनिरीक्षण और ब्रह्मांड की फुसफुसाहट का दर्पण है।