Meaning of

शजर-ओ-शाख

shajar-o-shaakh • شجر و شاخ

वृक्ष और शाखा; प्रकृति और विकास

tree and branch; nature and growth

درخت اور شاخ; فطرت اور نمو

Persian

शजर-ओ-शाख, बर्ग, गुल, समर तो दिल-नशीन है किसी ने हाल तक न पूछा है बिचारे तुख़्म का — Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"

'शजर-ओ-शाख' वाक्यांश जीवन की परस्पर संबंधिता को ध्यान में लाता है। मूल रूप से एक पेड़ के भौतिक भागों को संदर्भित करते हुए, कविता इसका उपयोग विकास, संबंध और समय के प्रवाह के विषयों का पता लगाने के लिए करती है।

कवि 'शजर-ओ-शाख' का उपयोग संबंधों की वृद्धि या जीवन के शाखाओं वाले रास्तों का प्रतीक करने के लिए करते हैं। यह ऋतुओं के प्राकृतिक चक्र और प्रकृति की स्थायी शक्ति को भी जागृत कर सकता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'शजर-ओ-शाख' जीवन की दृढ़ता और परस्पर जुड़ी सुंदरता का प्रमाण है। यह हमें उन जड़ों की याद दिलाता है जो हमें स्थिर करती हैं और उन शाखाओं की जो आकाश की ओर बढ़ती हैं।