Meaning of

शब-ए-इंतज़ार

shab-e-intezaar • شب انتظار

प्रतीक्षा की रात; इंतज़ार की रात

night of waiting; night of anticipation

انتظار کی رات; توقع کی رات

Persian

शब-ए-इंतिज़ार की कश्मकश में न पूछ कैसे सहर हुई कभी इक चराग़ जला दिया कभी इक चराग़ बुझा दिया — Majrooh Sultanpuri
कहो तो, ख़त्म शब-ए-इंतिज़ार कब होगी कहीं मैं ख़त्म न हो जाऊँ इस सेे पहले ही — Jagat Singh

यह वाक्यांश प्रतीक्षा और उम्मीद से भरी रात का सार प्रस्तुत करता है। कविता में, यह इंतज़ार के भावनात्मक भार को व्यक्त करता है, अक्सर किसी प्रियजन या महत्वपूर्ण घटना के लिए। रात सपनों और इच्छाओं के लिए एक कैनवास बन जाती है, जहाँ समय खिंचता है और भावनाएँ गहरी होती हैं।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग लालसा और इच्छा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रतीक्षा की भावनात्मक यात्रा का प्रतीक हो सकता है। रात को एक मित्र और शत्रु दोनों के रूप में चित्रित किया जाता है, जो सांत्वना प्रदान करती है, फिर भी अलगाव की पीड़ा को बढ़ाती है।

रात की खामोशी में, प्रतीक्षा एक गहन अनुभव बन जाती है, जो भावनाओं और आत्मनिरीक्षण से भरपूर होती है।