Meaning of

शब-ए-ज़ुल्मत

shab-e-zulmat • شب ظلمت

अंधकार की रात; अत्याचार की रात

night of darkness; night of oppression

اندھیری رات; ظلم کی رات

Persian

शब-ए-ज़ुल्मत भी हो जाए पशेमाँ दिया ऐसा जलाना चाहता हूँ — Waseem Siddharthnagari
ख़्वाबों को देखने से मिला कुछ नहीं मुझे लेकिन शब-ए-ज़ुल्मत से गिला कुछ नहीं मुझे — Ravi 'VEER'

'शब-ए-ज़ुल्मत' एक गहरी अंधकार में लिपटी रात की छवि प्रस्तुत करता है, जो अक्सर निराशा या अत्याचार का प्रतीक होता है। कविता में, यह व्यक्तियों या समाजों द्वारा झेली गई संघर्षों और अत्याचारों को दर्शाता है।

कवि 'शब-ए-ज़ुल्मत' का उपयोग जीवन को घेरने वाले भावनात्मक और सामाजिक अंधकार को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह अक्सर सुबह की आशा के विपरीत होता है, जो दृढ़ता और स्वतंत्रता की खोज का प्रतीक है।

'शब-ए-ज़ुल्मत' की गहराइयों में, आत्मा प्रकाश की लालसा करती है। यह विपत्ति के बीच स्थायी मानव आत्मा का प्रमाण है।