Meaning of

शमआ

shamaa • شمع

मोमबत्ती; प्रकाश; दीपक

candle; light; beacon

شمع; روشنی; چراغ

Arabic

फिर नज़र में फूल महके दिल में फिर शमएँ जलीं फिर तसव्वुर ने लिया उस बज़्म में जाने का नाम — Faiz Ahmad Faiz
हवा ख़फ़ा थी मगर इतनी संग-दिल भी न थी हमीं को शमा' जलाने का हौसला न हुआ — Qaisar-ul-Jafri
प्यार की जोत से घर घर है चराग़ाँ वर्ना एक भी शम्अ' न रौशन हो हवा के डर से — Shakeb Jalali
मैं ढूँढ़ रहा हूँ मिरी वो शम्अ' कहाँ है जो बज़्म की हर चीज़ को परवाना बना दे — Behzad Lakhnavi
अभी तुम शमअ जलने दो ज़रा देर अभी बेताब परवाने बहुत हैं — Amaan Pathan
अभी रोने दो शम्ओं को मत रोको ये परवाने का मातम कर रही हैं — Vishal Bagh
अब तक दिल-ए-ख़ुश-फ़हम को तुझ से हैं उम्मीदें ये आख़िरी शमएँ भी बुझाने के लिए आ — Ahmad Faraz
ये इंतिज़ार नहीं शम्अ' है रिफ़ाक़त की इस इंतिज़ार से तन्हाई ख़ूब-सूरत है — ARSHAD ABDUL HAMID
रात भर दर्द की शम्अ' जलती रही ग़म की लौ थरथराती रही रात भर — Makhdoom Mohiuddin
शमा' जलाने को सब हैं कहते बहुत अँधेरा बिखर रहा है हटा दो ज़ुल्फ़ें हुआ उजाला जरा सा हँस दो हुआ सवेरा — Anmol Mishra

शमआ शब्द एक अकेली मोमबत्ती की छवि को उभारता है जो अंधेरे में टिमटिमा रही है, आशा और मार्गदर्शन का प्रतीक। कविता में, यह अक्सर आत्मा के आंतरिक प्रकाश का प्रतिनिधित्व करता है, जीवन की छायाओं के बीच एक दीपक।

कवि 'शमआ' का उपयोग प्रबोधन और दृढ़ता के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह स्थायी आत्मा के लिए एक रूपक के रूप में खड़ा होता है, अक्सर घेरने वाले अंधकार के विपरीत। मोमबत्ती की लौ समय के प्रवाह की मूक गवाह बन जाती है।

'शमआ' की शांत चमक में, स्वयं कविता का सार मिलता है - प्रकाश और अंधकार के बीच का नृत्य।