Meaning of

शम्स

shams • شمس

सूर्य; चमक

sun; brilliance

سورج; چمک

Arabic

यक़ीं मोहकम अमल पैहम मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम जिहाद-ए-ज़िंदगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें — Allama Iqbal
मेरा जनाज़ा रोज़ उठता है, कि अब शमशान में दो नौकरी कोई मुझे — Kuldeep Tripathi KD
मैं ठहरना चाहती हूँ कोह के मानिंद, पर शम्स बन के रोज़ ही घर से निकलना है मुझे — Priya omar
बनाया मैं ने जिन को शम्स मेरे इक शरारे से वो कहते फिर रहे सब को रहा केवल धुआँ हूँ मैं — Nityanand Vajpayee
ग़ुलामी में न काम आती हैं शमशीरें न तदबीरें जो हो ज़ौक़-ए-यक़ीं पैदा तो कट जाती हैं ज़ंजीरें — Allama Iqbal
चढ़ते हुवे ए शम्स दिखा ताव भी मगर ये जान ले कि शाम ढले डूब जाएगा — Afzal Ali Afzal

शम्स सूर्य की उज्ज्वल ऊर्जा और जीवनदायिनी शक्ति को दर्शाता है। यह गर्मी, प्रकाश और दिन-रात के चक्र को समेटे हुए है। कविता में, शम्स अक्सर ज्ञान, स्पष्टता और समय के निरंतर प्रवाह का प्रतीक होता है।

कवि शम्स का उपयोग सूर्य की महिमा और नई शुरुआत के अग्रदूत के रूप में उसकी भूमिका को जगाने के लिए करते हैं। यह सत्य के प्रकाश या जुनून की जलती हुई तीव्रता का प्रतिनिधित्व कर सकता है। शम्स अंधकार के विपरीत है, आशा और नवीनीकरण की पेशकश करता है।

शम्स प्रकाश और जीवन का एक प्रकाशस्तंभ है, जो अस्तित्व के मार्ग को प्रकाशित करता है। यह हमें सुबह और शाम के शाश्वत चक्र की याद दिलाता है।