Meaning of

शम्सो-क़मर

shams-o-qamar • شمس و قمر

सूर्य और चंद्रमा; आकाशीय पिंड

sun and moon; celestial bodies

شمس و قمر; آسمانی اجسام

Arabic

ये शजर अर्श फ़र्श शम्स-ओ-क़मर मुंतज़िर हैं तुम्हारी आमद के — Shajar Abbas
ख़ुद-ब-ख़ुद मंज़िल तिरे क़दमों में चल कर आएगी हौसला तेरा अगर शम्स-ओ-क़मर तक जाएगा — Dard Faiz Khan
फूल गुल शम्स-ओ-क़मर सारे ही थे पर हमें उन में तुम्हीं भाए बहुत — Meer Taqi Meer

'शम्सो-क़मर' वाक्यांश सूर्य और चंद्रमा के शाश्वत नृत्य को ध्यान में लाता है, जो ब्रह्मांड में संतुलन और सामंजस्य के प्रतीक हैं। कविता में, वे अक्सर अस्तित्व की द्वैतता, प्रकाश और अंधकार के खेल, और समय के प्रवाह का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कवि 'शम्सो-क़मर' का उपयोग प्रेम और अलगाव, जीवन की चक्रीय प्रकृति, और संतुलन की शाश्वत खोज की थीम की खोज के लिए करते हैं। यह अराजकता और अव्यवस्था के विपरीत है, ब्रह्मांडीय व्यवस्था को उजागर करता है।

काव्यिक ब्रह्मांड में, 'शम्सो-क़मर' हमें जीवन को बनाए रखने वाले नाजुक संतुलन और इसके चक्रों में पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।