Meaning of

शम्स-ओ-क़मर

shams-o-qamar • شمس و قمر

सूरज और चाँद; खगोलीय पिंड

sun and moon; celestial bodies

سورج اور چاند; فلکی اجسام

Arabic

ये शजर अर्श फ़र्श शम्स-ओ-क़मर मुंतज़िर हैं तुम्हारी आमद के — Shajar Abbas
फूल गुल शम्स-ओ-क़मर सारे ही थे पर हमें उन में तुम्हीं भाए बहुत — Meer Taqi Meer
ख़ुद-ब-ख़ुद मंज़िल तिरे क़दमों में चल कर आएगी हौसला तेरा अगर शम्स-ओ-क़मर तक जाएगा — Dard Faiz Khan
हमारा हुस्न क्या था इक फ़क़त वहम-ए-नज़र शायद कि हर तहरीर में सौ सूरत-ए-शम्स-ओ-क़मर निकले — Amit Nandan Dev

आकाश के विशाल विस्तार में, सूरज और चाँद प्रकाश और समय के शाश्वत प्रतीक के रूप में खड़े हैं। उनके आकाशीय नृत्य ने कवियों को द्वैत और सामंजस्य के विषयों का अन्वेषण करने के लिए प्रेरित किया है।

'शम्स-ओ-क़मर' का उपयोग कवि अक्सर समय के प्रवाह या विरोधाभासों के संतुलन को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमियों का प्रतीक हो सकता है जो दूरी से अलग हैं, फिर भी एक ही आकाश के नीचे एकजुट हैं।

काव्यिक क्षेत्र में, 'शम्स-ओ-क़मर' प्रकाश और छाया के शाश्वत नृत्य को पकड़ता है, जो ब्रह्मांड की चक्रीय प्रकृति की याद दिलाता है।