Meaning of

शय

shay • شے

वस्तु; चीज़; सार

thing; object; essence

چیز; شے; جوہر

Arabic

किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं — Jawwad Sheikh
तेरे बग़ैर भी जी कर दिखा दिया मैं ने दुआएँ दे तुझे शाइ'र बना दिया मैं ने — Anjum Rehbar
मैं पैहम हार कर ये सोचता हूँ वो क्या शय है जो हारी जा रही है — Jaun Elia
किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं — Ali Zaryoun
अच्छे शे'र सुनाने वाले लड़के सुन अच्छे शाइ'र तन्हा ही रह जाते हैं — Ritesh Rajwada
मैं सुख़न में हूँ उस जगह कि जहाँ साँस लेना भी शा'इरी है मुझे — Tehzeeb Hafi
जिस शय पर वो उँगली रख दे उस को वो दिलवानी है उस की ख़ुशियाँ सब से अव्वल सस्ता महँगा एक तरफ़ — Varun Anand

'शय' का मूल अर्थ किसी वस्तु या चीज़ से है, चाहे वह मूर्त हो या अमूर्त। कविता में, यह अक्सर अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर किसी चीज़ के सार या मूल को दर्शाता है, जो रहस्य या गहराई का आभास कराता है।

कवि अक्सर 'शय' का उपयोग भावनाओं या अमूर्त अवधारणाओं के सार की खोज के लिए करते हैं। यह आत्मा या व्यक्ति के अस्तित्व के मूल के लिए एक रूपक हो सकता है।

कविता में, 'शय' अदृश्य और आवश्यक के चिंतन को आमंत्रित करता है।