Meaning of

शरीक-ए-ग़म

shareek-e-gham • شریک غم

दुख में साथी; शोक में भागीदार

companion in sorrow; partner in grief

غم میں شریک; دکھ میں ساتھی

Arabic

ये दुनिया ग़म तो देती है शरीक-ए-ग़म नहीं होती किसी के दूर जाने से मोहब्बत कम नहीं होती — Unknown
कोई शरीक-ए-ग़म नहीं अब तिरी याद के बग़ैर कोई अनीस-ए-दिल नहीं अब तिरे नाम के सिवा — Hafeez Hoshiarpuri

'शरीक-ए-ग़म' शब्द उन व्यक्तियों के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है जो एक-दूसरे के बोझ को साझा करते हैं। कविता में, यह अक्सर सहानुभूति की गहराई और साझा दुख में मिलने वाले सांत्वना को दर्शाता है।

कवि 'शरीक-ए-ग़म' का उपयोग विपत्ति के समय में साथ और पारस्परिक समर्थन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह मानवीय संबंध की सुंदरता और सहानुभूति की उपचार शक्ति को उजागर करता है।

'शरीक-ए-ग़म' में, कवि साझा मानवीय अनुभव की स्थायी शक्ति का एक प्रमाण पाता है।