Meaning of

शह्र-ए-दिल

shehr-e-dil • شہر دل

दिल का शहर; भावनात्मक क्षेत्र

city of the heart; emotional realm

دل کا شہر; جذباتی دنیا

Persian

शह्र-ए-दिल के सर्द मौसम और सादा-रूह हम
सारी माचिस फूँक बैठे इक ज़रा सी आग को

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मिरे अंदाज़ ज़माने से निराले होंगे
आज अँधेरे हैं तो क्या कल को उजाले होंगे

एक रोटी में सुनाते हैं तुझे कितना कुछ
कल से होंटों पे तिरे मेरे निवाले होंगे

कम से कम सैकड़ों को भूख ने मारा होगा
बच गए जितने सभी दर्द ने पाले होंगे

अब हमें मौत भी मक़बूल नहीं करती है
ज़िंदगी तू ही बता किस के हवाले होंगे

हर दफ़ा छीन लिया मेरा निवाला सबने
फिर तो बच्चे भी तिरे भूख ने पाले होंगे

अरे कमरे में मिरे कुछ भी नहीं है सच्ची
चार दीवार मिलेंगी बचे जाले होंगे

शहर-ए-दिल में सुनो तो कोई नहीं रहता है
तुम कहाँ जा रहे हो सब में ही ताले होंगे

छोड़ के ख़ुद को ज़माने को दिया है मरहम
फिर तो बेशक ही तिरे पाँव में छाले होंगे

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यूँँ तो कोठियाँ हैं यहाँ बहुत मुझे फिर भी लोग मिले नहीं
मैं समझ गया भले देर से बड़े शहर दिल के बड़े नहीं

वो हमारे गाँव में आते थे बड़े शहर वाले वो लोग थे
कभी फ़ोन उन का लगा नहीं कभी वो पते पे मिले नहीं

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शह्र-ए-दिल के सर्द मौसम और सादा-रूह हम
सारी माचिस फूँक बैठे इक ज़रा सी आग को

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मिरे अंदाज़ ज़माने से निराले होंगे
आज अँधेरे हैं तो क्या कल को उजाले होंगे

एक रोटी में सुनाते हैं तुझे कितना कुछ
कल से होंटों पे तिरे मेरे निवाले होंगे

कम से कम सैकड़ों को भूख ने मारा होगा
बच गए जितने सभी दर्द ने पाले होंगे

अब हमें मौत भी मक़बूल नहीं करती है
ज़िंदगी तू ही बता किस के हवाले होंगे

हर दफ़ा छीन लिया मेरा निवाला सबने
फिर तो बच्चे भी तिरे भूख ने पाले होंगे

अरे कमरे में मिरे कुछ भी नहीं है सच्ची
चार दीवार मिलेंगी बचे जाले होंगे

शहर-ए-दिल में सुनो तो कोई नहीं रहता है
तुम कहाँ जा रहे हो सब में ही ताले होंगे

छोड़ के ख़ुद को ज़माने को दिया है मरहम
फिर तो बेशक ही तिरे पाँव में छाले होंगे

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यह वाक्यांश एक आंतरिक दुनिया का सुझाव देता है जो भावनाओं और संवेदनाओं द्वारा शासित होती है। कविता में, यह एक ऐसा स्थान है जहाँ दिल की इच्छाएँ और दुख निवास करते हैं, एक ऐसा शहर जो प्रेम और लालसा की नींव पर बना होता है।

कवि अक्सर इस शहर का अन्वेषण करते हैं ताकि प्रेम और लालसा की जटिलताओं को व्यक्त किया जा सके। यह हमारे भीतर के भावनात्मक परिदृश्य के लिए एक रूपक है। दिल का शहर एक अभयारण्य और भूलभुलैया दोनों है।

दिल के शहर में, प्रेम और लालसा सपनों और इच्छाओं की एक गाथा बुनते हैं।