Meaning of

शाख़-ए-विसाल

shaakh-e-visaal • شاخ وصال

मिलन की शाखा; संबंध

branch of union; connection

شاخ وصال; تعلق

Persian

पकड़ में आती नहीं है कभी वो शाख़-ए-विसाल हम एक बोसा-ए-गुल के लिए तरसते हैं — Subhan Asad

'शाख़-ए-विसाल' वाक्यांश एक नाज़ुक संबंध का सुझाव देता है, जैसे एक शाखा जो मिलन के वादे को थामे हुए है। कविता में, यह प्रेमियों के बीच या दिव्य मिलन की आत्मा की लालसा के बीच नाजुक लेकिन आशावादी कड़ी का प्रतीक है।

कवि 'शाख़-ए-विसाल' का उपयोग संबंधों की सुंदरता और नाजुकता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम, लालसा और मिलन की क्षणभंगुर प्रकृति के बारे में छंदों में प्रकट होता है।

काव्यिक विचारों में, 'शाख़-ए-विसाल' आशा और नाजुकता के बीच के कोमल नृत्य को पकड़ता है। यह हमें संबंधों की क्षणिक सुंदरता की याद दिलाता है।