Meaning of

शान-ए-हक़

shaan-e-haq • شان حق

सत्य की महिमा; धर्म की शान

glory of truth; majesty of righteousness

حق کی شان; صداقت کی عظمت

Arabic

दे कर लब पे निशान वो पूछा बता कि और क्या है ख़्वाइश तेरी — Prakash Pandey

यह वाक्यांश सत्य और धर्म की उच्च प्रकृति को समेटे हुए है। कविता में, यह अक्सर न्याय की अंतिम विजय और नैतिक उच्चता का प्रतीक होता है।

कवि इसका उपयोग सत्य की शक्ति और गरिमा को जागृत करने के लिए करते हैं। इसे असत्य के विपरीत रखा जा सकता है, जो ईमानदारी की स्थायी शक्ति को उजागर करता है।

शान-ए-हक़ सत्य के स्थायी प्रकाश के रूप में खड़ा है।