Meaning of

शे’र

she’r • شعر

कविता; शेर

poem; verse

شعر; نظم

Arabic

अपने में'यार से नीचे तो मैं आने से रहा शेर भूखा हूँ मगर घास तो खाने से रहा — Mehshar Afridi
आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ — Rehman Faris
किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं — Ali Zaryoun
अँगूठी के लिए पैसा नहीं था किया इज़हार हम ने शे'र से ही — Tanoj Dadhich
चाँद सा मिस्रा अकेला है मिरे काग़ज़ पर छत पे आ जाओ मिरा शे'र मुकम्मल कर दो — Bashir Badr
अच्छे शे'र सुनाने वाले लड़के सुन अच्छे शाइ'र तन्हा ही रह जाते हैं — Ritesh Rajwada

शे’र काव्यात्मक अभिव्यक्ति की धड़कन है, भावना और विचार का एक संक्षिप्त रूप। यह कुछ पंक्तियों में मानव अनुभव का सार पकड़ता है, अक्सर एक स्थायी प्रभाव छोड़ता है। शे’र व्यक्तिगत और सार्वभौमिक दोनों का प्रतिबिंब है, जो पाठक की अपनी भावनाओं के साथ गूंजता है।

कवि गहरे सत्य या क्षणिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शे’र की रचना करते हैं। यह आत्मनिरीक्षण और रहस्योद्घाटन का माध्यम है, जो अक्सर सरलता की सुंदरता को पकड़ता है।

शे’र एक दर्पण है, जो आत्मा की फुसफुसाहट और दुनिया की गूंज को प्रतिबिंबित करता है।