Meaning of

शैख़

shaikh • شیخ

वृद्ध; नेता; विद्वान

elder; leader; scholar

بزرگ; رہنما; عالم

Arabic

तर-दामनी पे शैख़ हमारी न जाइयो दामन निचोड़ दें तो फ़रिश्ते वज़ू करें — Khwaja Meer Dard
इसी दुनिया में दिखा दें तुम्हें जन्नत की बहार शैख़ जी तुम भी ज़रा कू-ए-बुताँ तक आओ — Ali Sardar Jafri
उन से दोज़ख़ में पूछ बैठा हूँ शैख़ जी आप और यहाँ कैसे — Abdulla Asif
गिरा के हाथ से देखो तो मेरे जाम-ए-शराब ये शैख़ कहता है पीना हराम है साक़ी — Shajar Abbas
कल ये पैग़ाम हर इक पीर-ओ-जवां तक पहुँचे हाल-ए-अफ़सुर्दा में हम कू-ए-बुताँ तक पहुँचे — Shajar Abbas
हम शैख़, न लीडर, न मुसाहिब, न सहाफ़ी जो ख़ुद नहीं करते वो हिदायत न करेंगे — Faiz Ahmad Faiz
शेख़ साहब मिले दुआएँ दी और बोले कि याद रब को करो — Arohi Tripathi
ऐ शैख़ तू शराब के पीछे न पड़ कभी ये ख़ुद को वाहियात बनाने की चीज़ है — Shivsagar Sahar
जाम-ए-लबरेज़ लिए दस्त-ए-मुबारक में शजर शैख़ जी रोकिए मस्जिद की तरफ़ जाता है — Shajar Abbas
शैख़ साहब की पैरवी कर के हम गुनहगार हो चुके होंगे — Shadab Shabbiri

शैख़ शब्द सम्मान और ज्ञान का भाव उत्पन्न करता है, जो अक्सर आध्यात्मिक या विद्वतापूर्ण अधिकार से जुड़ा होता है। कविता में, यह मार्गदर्शन, परंपरा, या ज्ञान के भार का प्रतीक हो सकता है।

कवि 'शैख़' का उपयोग ज्ञान और अधिकार के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह युवा मूर्खता के विपरीत हो सकता है या परंपरा के बोझ का प्रतीक हो सकता है।

शैख़ ज्ञान के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। यह हमें ज्ञान की शाश्वत खोज की याद दिलाता है।